आपके जेब में रखे नोटों का वेल्यू हो जायेगा जीरो यदि आपने किया ऐसी गलती।

यदि आप नहीं जानते की किन किन कारणों से आपके जेब में रखे नोटों का वेल्यू जीरो हो सकता है।

 

तो यह लेख आपके लिए है दोस्तों आज मैं इस लेख के माध्यम से आपको बताऊंगा की कैसे आपके नोटों का वेल्यू जीरो हो सकता है और आप अपने नोटों का वेल्यू जीरो होने से कैसे बचा सकते हैं ।

 

आइये समझते हैं :-

 

दोस्तों अक्सर ऐसा होता है कि जब हम मार्किट मे लेन देन के लिए किसी दुकान पर जाते हैं तो दुकानदार चुपके से आपको फटे हुए नोट पकड़ाने की कोशिस करता है,इस पर यदि आपकी नज़र पड़ जाये तो आप दुकानदार को वह नोट लेने से मना कर देतें हैं लेकिन यदि आप अनजाने मे उस नोट को रख लेते हैं, तो वह नोट आपके लिए सिरदर्दी बन जाता हैं,फिर उस दुकानदार की तरह आप भी उस नोट को चलाने की कोशिस मे लग जाते है, और यही सिलसिला एक के बाद एक चलता रहता है, लेकिन दोस्तों हम उस नोट को बैंक में बदल भी तो सकते है, किन्तु बैंक में नोट बदलने जाओ तो बैंक वाले आपको टाल मटोल करने लगते हैं,तो ऐसे मे आपके लिए RBI(भारतीय रिसर्व बैंक ऑफ़ इंडिया) के द्वारा जारी नियमों का जानना बहुत ही जरुरी हो जाता है, ताकि अगली बार जब आप बैंक जाये तो बैंक के कर्मचारी आपको परेशान ना कर सके।

 

दोस्तों RBI द्वारा जारी क्लीन नोट पॉलिसी के तहत नोट को तीन प्रकार मे बांटा गया है:-

1)सोईल नोट

2)म्यूटिलेटेड नोट

3)काउंटर फीड नोट 

 

तो आइये इसे विस्तार से समझते हैं :-

 

1) सोईल नोट– ये ऐसे नोट होते हैं जो किसी कारणों से मैले हो जाते हैं जैसे- होली का रंग,मिट्टी का लगना इत्यादि।

और यदि आपके नोट सिर्फ दो टुकड़े मे फटा हो तो यह नोट सोईल नोट कहलाता है।

 

2) म्यूटिलेटेड नोट– ये ऐसे नोट होते हैं जो दो से अधिक भागों मे फटा हो उसे म्यूटिलेटेड नोट कहते हैं।

 

3)काउंटर फीड नोट– ऐसे नोट जो नकली हो उसे काउंटर फीड नोट कहते है।

 

दोस्तों जब आप बैंक जाते है तो इन तीन प्रकार के नोट के अनुसार ही आपको आपके नोट का वेल्यू बैंक के द्वारा वापस किया जाता है।

 

तो आइये समझते है कि किस नोट का कितना वेल्यू मिलता है:-

 

1)सोईल नोट– यदि आपके नोट सोईल नोट के अंतर्गत आता है, तो आपको बैंक के द्वारा पूरा वेल्यू दिया जायेगा और ना ही इसके लिए बैंक के द्वारा आपको कोई चार्ज देना होगा।(नोट- यदि नोट के ऊपर कोई राजनैतिक शब्द या धार्मिक शब्द लिखा हो तो उस नोट का वेल्यू ज़ीरो होता है।)

 

2)म्यूटिलेटेड नोट– यदि आपके नोट म्यूटिलेटेड नोट के अंतर्गत आता है, तो इसके लिए बैंक में एक मेज़र्मेंट स्केल होता है, उससे वह आपके नोट के सबसे बड़े वाले हिस्से को मेज़र्मेंट स्केल मे रख कर मेज़र्मेंट लेते हैं,और फिर बैंक तय करता है कि आपको आपके नोट का कितना वेल्यू दिया जायेगा, जैसे इस मेज़र्मेंट स्केल मे आपके नोट का 80% से अधिक भाग सही हो तो आपको इसका पूरा वेल्यू दिया जायेगा लेकिन यदि यह 80% से 40% के अंदर होगा तो आपको आपके नोट का सिर्फ आधा वेल्यू ही दिया जायेगा और यदि यह 40% से कम हुआ तो आपके नोट का वेल्यू जीरो माना जायेगा और इस स्थिति मे बैंक आपके नोट को अपने पास रख लेगा और उसके बदले आपको कुछ भी नहीं देगा और वह आपके नोट को अपने पास रख रहा है इसके साक्ष्य के रूप मे एक फार्म देगा।

 

3)काउंटर फीड नोट-यदि आपके नोट काउंटर फीड नोट के अंतर्गत आता है तो बैंक आपके नोट के ऊपर रिजेक्ट का सील लगा कर अपने पास रख लेगा और आपको इसके बदले कुछ भी नहीं देगा।

 

दोस्तों ये सभी प्रक्रिया बैंक के कर्मचारी या तो तुरंत कर सकते हैं या उनको इस प्रक्रिया में कुछ अडचन आता है तो वह आपको दो फार्म भरने को कह सकता है, जिसे फार्म D1 और फर्म D2 कहा जाता है जिस फार्म मे वह आपके नोट का पूरा विवरण लिख कर साथ मे आपके नोट को अपने रख लेता है, और फार्म D1 अपने पास रख कर फार्म D2 साक्ष्य के रूप मे आपको वापस कर देता है फिर बैंक उस नोट का विभागीय तौर पर जाँच परख कर आपको निर्धारित समय में आपको आपके नोट का वेल्यू वापस देता है।

 

नोट- यह लेख वर्तमान नियमों के अनुसार है समय समय बार नियम बदलते रहते है।

 

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