EMI बॉउंसिंग चार्ज से तंग ग्राहक नें किया बैंक में बवाल…

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दोस्तों वर्त्तमान समय पर यदि आपको किसी को payment करने है, तो आपके पास काफी तरीके उपलब्ध हैं, जैसे NEFT, RTGS, UPI, IMPS लेकिन यह सभी तरीके Single time payment के लिए सही है, लेकिन यदि आपको किसी को Reguler payment करने हो जैसे – Loan के EMI, SIP, Insurance payment इत्यादि, तो यह सभी तरिके सही नहीं होते।
दोस्तों इस तरह के Reguler payment के लिए आप चाहें तो Post dated cheque भी दे सकते हैं लेकिन वर्तमान digitel युग में यह तरिका काफी पुराना और जटिल महसूस होता है, इस लिए मैं आपको ऐसे तीन तरीके के बारे में बताने वाला हूँ जिससे आपके काम आसान हो जाएंगे।
आइये दोस्तों समझते हैं –
दोस्तों मान लीजिए आपको हर महीने किसी को rent देने हैं तो आप अपने bank account से e-mandate के द्वारा यह काम आसानी से कर सकते हैं इसके लिए आपको करना यह है कि अपने online banking से recurring payment या repeat this payment ऑप्शन से उस payment को auto mode पर कर सकते हैं। Auto payment का यही तरिका e-mandate कहलाता है, इसके द्वारा आप अपने phone bill, बच्चों के स्कूल के payment, tv recharge, इस तरह के बहुत सारे payment regularly कर सकते है।
दोस्तों लेकिन ऐसे payment जिनमे आपको सामने वाले का account number नहीं पाता उस समय e-mandate काम नहीं आता, उसके लिए दो अन्य तरीकों का प्रयोग किया जाता है, जिसमे पहला है ECS ( Electronic Clearance Service ) और दूसरा जो कि ECS का updated वर्जन है जिसे NACH(National Automated Clearing House) कहा जाता है।
दोस्तों ECS एक पुराना तरिका हो चुका है जबकी NACH नया तरिका है, फिर भी ECS का प्रयोग आज भी कई बैंक करते हैं ECS आने के बाद EMI के लिए post dated cheque वाला system चलन से बाहर हो चुका है, लेकिन इसकी कुछ कमी भी है जैसे आप जब बैंक को ECS के लिए Mandate देते हैं, तो इसको approve होने में ही लगभग 30 दिन लग जाते हैं, और जब आपके खाते से payment काटता है, तो ECS के प्रेजेंट से सेटल होने तक तीन से चार दिन का समय लग जाता है।
जबकी NACH में यह समय काफी कम समय लगते हैं यह लगभग 10 दिन के अंदर ही NACH system approve हो जाता है और payment भी तुरंत सेटल हो जाता है, दोस्तों आज काल mobile के द्वारा ही online loan लेते हैं तब e-NACH के द्वारा ही यह System को 48 घंटे के अन्दर ही इस system को approve कर दिया जाता है।
इस पुरे system को NPCI (National Payments Corporation of India) के द्वारा कंट्रोल किया जाता है।
दोस्तों यह सारे system customer के सुविधा के लिए बनाये जाते हैं, इस लिए इससे लोगों का कई काम आसान भी हो जाता हैं, लेकिन फायदे के साथ कुछ नुकसान का होना भी स्वाभाविक होता है, और उस नुकसान से बचने के लिए आपको जानकर होना जरुरी है, आइये दोस्तों इस system के क्या नुकसान है वह समझते है।
दोस्तों कई बार देखा गया है कि जिस दिन आपके EMI कि रकम आपके खाते से कटना होता है और उस दिन आपके खाते में उतनें पैसे नहीं होते है, जितना कि आपके EMI में कटता है, तो यह ECS बाउंस हो जाता है, और आपके Account को माइनस कर देता है, और जब आप अपने खाते में पैसे डालते हैं, तो उस समय यह आपके बैंक खाते से पैसे काट लेता हैं, साथ ही ECS बॉउंसिंग चार्ज भी आपके खाते से ही काटा जाता है, यह चार्ज उतना होता है जितना कि आपके बैंक में cheque बाउंस चार्ज काटा जाता है। दोस्तों लेकिन कई केस ऐसे भी देखने को मिला है, जिसमे यह बॉउंसिंग चार्ज एक से अधिक बार भी काटे जाते है, तो दोस्तों इससे बचने के लिए बेहतर होगा कि अपने खाते में पर्याप्त पैसे रखें।
दोस्तों यदि कभी ऐसा हुआ कि आपके खाते से एक से अधिक बार बॉउंसिंग चार्ज कटा हो, तो आप घबरायें नहीं बालकि आप इसके लिए अपने बैंक से बात करें, बेहतर होगा आप इसके लिए लिखित में आवेदन ते ताकि आपके यह चार्ज को सेटल किया जा सके।

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