हलाल चाय क्या है…

दोस्तों हाल ही में एक शब्द Halal tea काफी सुर्खियों में है, दर असल यह घटना IRCTC का है, जहाँ रेलवे कोच के अन्दर वहाँ उपस्थित पेसेंजर को चाय सर्व किया जाता है तो उसमें से एक पेसेंजर नें देखा के उसके चाय के पैकेट के ऊपर Halal tea लिखा हुआ था, ऐसे में जब वह व्यक्ति पैकेट में लिखे इस शब्द को देखता है, तो वह उसे गलत समझ जाता है, और railway कर्मचारी से सवाला करने लगता है, कि इस पैकेट में यह शब्द क्यूँ लिखा गया है, दरअसल वह व्यक्ति ऐसा इस लिए पूछता है क्यूँकि वह व्यक्ति शुद्ध शाकाहारी होता है, और वह व्यक्ति इस शब्द को धार्मिक आस्था से जोड़ कर देखने लगता है उसे यह शक़ होता है कि कहीं इस चाय में कुछ और चीज तो नहीं मिला है, इस लिए वह व्यक्ति इस पूरी घटना का वीडियो बाना कर सोसल मिडिया पर शेयर कर देता है।

 

आइये दोस्तों समझते हैं कि यह Halal tea शब्द का क्या मतलब है।

दोस्तों जब कभी भी हम कोई भी वस्तु बाज़ार से खरीदतें हैं, तो उस वस्तु के पैकेट के ऊपर एक हरे रंग या लाल रंग डॉट बाना होता है, और उसके नीचे लिखा होता है 100% veg या nonveg जिसे हमें पता चलता है, कि यह वस्तु शाकाहारी चीजों से बाना है या मासाहारी चीजों से बना है।

 

दोस्तों इसी प्रकार इस्लामिक देशों में यह Logo अलग होता है, और इसमें लिखें शब्द भी अलग होते हैं, यदि कोई वस्तु शाकाहारी वस्तुओं से मिल कर बाना हो, तो उसके ऊपर हरे रंग के Logo के ऊपर Halal लिखा जाता है और यदि कोई वस्तु मासाहारी वस्तुओं से मिल कर बना होता है, तो उसमें लाल रंग के Logo के ऊपर Haram लिख दिया जाता है।

दोस्तों भारत में भी यदि कोई वस्तु बनाया जाता है और उसका निर्यात इस्लामिक देशों में किया जाता है, तो उन वस्तुओं पर भी यह Halal या Haram शब्द का होना जरुरी होता है।

दोस्तों यह Logo अक्सर खाने पीने कि चीजों में लिखा जाता है, यह शब्द को किसी भी वस्तु में लिखने से पहले Halal certificat लेना जरुरी है।

आइए दोस्तों समझते हैं, यह halal certification क्या चीज है।

दोस्तों अक्सर आपने हलाल शब्द का प्रयोग मांस के लिए सुना होगा, लेकिन यह सिर्फ मांस तक ही सीमित नहीं है, इस्लामिक काउंसिल के अनुसार, हलाल एक अरबी शब्द है, जिसका मतलब होता है, कानून सम्मत या जिसकी इजाजत शरिया ( इस्लामिक कानून ) में दी गई हो।

यह शब्द खाने-पीने की चीजों, मीट प्रोडक्ट, कॉस्मेटिक, दवाइयां, खाने में पढ़ने वाली चीजों, सब पर लागू होता है।

हराम उसका ठीक उल्टा होता है, मतलब कि वह चीज जो इस्लाम में वर्जित होता है, लिपस्टिक से लेकर दवाइयां तक सब कुछ को हलाल और हराम के बीच बांटा जा सकता है।

उदाहरण के तौर पर कई दवाएं एवं स्किन केयर प्रोडक्ट जिनमें सूअर के मांस या चर्बी का इस्तेमाल हुआ हो उन्हें हराम माना जाता है।

 

आइए दोस्तों हलाल सर्टिफिकेट के मानक को समझ लेते हैं।

1) पोर्क कंटेंट – यानी कि सूअर या सूअर के मांस से जुड़ी हुई चीजें , प्रोडक्शन में इस्तेमाल तो नहीं हुई, इसकी मांस से लेकर चर्बी चमड़ी सबकुछ शामिल है, प्रोडक्शन ही नहीं उसकी पैकिंग में भी किसी ऐसे तत्वों का इस्तेमाल तो नहीं हुआ है जो पोर्क से जुड़ा है।

 

2) एल्कोहल कंटेंट – एक तय मात्रा में इंडस्ट्रीयल अल्कोहल (इसे ethyl alcohol भी कहते हैं ) को मान्यता दी है, लेकिन उसके अलावा किसी भी दूसरे तरह के अल्कोहल का इस्तेमाल वर्जित है, हालंकि की दवाइयों के मामले में ऐसा कहा जाता है, कि वह लाइफ़सेविंग ट्रक है तो उसका इस्तेमाल करना हलाल है।

 

जिस तरह शाकाहारी लोग हर एक डॉट को देखकर मानते हैं कि खाना शाकाहारी है, उसी तरह इस्लामिक लोग हलाल प्रोडक्ट इस्तेमाल करना चुनते हैं, उसके लिए हलाल Logo का मतलब है, कि वह सारे गाइडलाइन को फॉलो किया गया है जो इस्लामिक कानून में दिया गया है।

 

जमीयत उलेमा ए हिंद हलाल काउंसिल के द्वारा ही भारत में Halal certificate जारी किया जाता हैं।

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