Positve Pay,क्या है ?

नमस्कार दोस्तों!

आज मैं आप सभी को चेक से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण जानकारी देने वाला हूँ जिसमे आप जानेंगे,

Clearing house के बारे में।

CTS(Cheque Truncation system) के बारे में।

Positve Pay के बारे में।

Reverse Positive Pay.

Self Cheque क्या होता है।

Order Cheque क्या होता है।

Account payee chaque क्या होता है,इत्यादि।

PositvePay kya है?

दोस्तों Positive Pay को समझने से पहले हमें यह समझना होगा की यह चेक काम कैसे करता है।

दोस्तों कुछ सालों पहले यदि आप किसी व्यक्ति को चेक से Payment करते थे, तो वह व्यक्ति उस चेक को अपने बैंक Account में लगा देता।

दोस्तों पहले सभी बैंकों के लिए एक क्लियरिंग हॉउस हुआ करता था, सभी बैंक वालों को अपने ग्राहक से प्राप्त Cheque को उस क्लियरिंग हॉउस में ले कर जाना होता था, फिर सभी बैंक आपस में चेक का अदला बदली कर लेते थे। चलिए इसे उदाहरण से समझते हैं – माना की अजय ने एक चेक जो की HDFC bank का है,उसने अमन को दिया और अमन का खाता Axis bank में है,अब अमन इस चेक को Axis bank में Present करेगा, फिर Axis bank इस चेक को लेकर क्लियरिंग हॉउस जायेगा और वहाँ इस चेक को HDFC bank को दे देगा।

दोस्तों आपने देखा इस तरीके के System में कितना अधिक समय लगा और यही System बहुत समय से चल रहा था, लेकिन RBI ने समय को कम करने और इस जटिल तरीके को ठीक करने के लिए एक नया तरिका ले कर आया जिसे CTS (Cheque Truncation system) क्लियरिंग कहते है।

दोस्तों आइये समझते है CTS Clearing क्या है –

दोस्तों यदि आपको किसी Other बैंक का चेक प्राप्त होता है, तो जब आप उसे अपने बैंक खाते में प्रस्तुत करते हैं, तो वह चेक को बैंक अब Clearing house नहीं भेजता, बल्कि उस बैंक के पास एक CTS मशीन होता है, जिसमे आपके चेक को स्कैन कर के उस बैंक को भेजा है, जिस बैंक का वह चेक है, फिर वह बैंक उस चेक का Payment आपके बैंक को ट्रांसफर कर देती है इससे समय कि बचत होती है।

दोस्तों लेकिन इस CTS Clearing system में कुछ कमी आने लगी जैसे इस System में Physical कॉपी सामने नहीं हो पाने के कारण चेक के द्वारा कई प्रकार के फ्रॉड होने के संभावना बढ़ जाती है, इस लिए इस बात को ध्यान में रखते हुए RBI ने Positive Pay System लेकर आई।

दोस्तों आइये समझते है,Positive Pay क्या है –

दोस्तों जब आप किसी को चेक जारी करते हैं, तो उस चेक को वह व्यक्ति अपने बैंक में प्रस्तुत करे, उससे पहले आपको अपने बैंक में, उस जारी किये चेक कि जानकारी देनी होती है, यही Positive Pay System कहलाता है इसके अंतरगत आपको उस चेक के निम्नलिखित जानकारी अपने बैंक को देना होता है –

1) जिनको आपके चेक जारी किया है, उसका नाम।

2) जितने रकम का चेक दिया है, उसका डिटेल।

3) चेक क्रमांक।

4) जिस तिथि को आपने चेक जारी किया है, उसका डिटेल।

फिर जब वह चेक प्रस्तुत होता है, तो बैंक उस प्रस्तुत चेक का डिटेल और आपके द्वारा दिया गया डिटेल को आपस में मिलान करती है, और सब कुछ आपके दिए डिटेल के अनुसार होता है, तो बैंक उस चेक को Pass कर देता है, और अगर चेक के डिटेल और आपके दिए डिटेल आपस में सामान नहीं पाया जाता, तो बैंक चेक रिजेक्ट कर देती है। 

दोस्तों क्या होगा यदि आप ने किसी को चेक जारी किया और आपने अपने बैंक को इसकी जानकारी नहीं दिया तो।

आइये इसे समझते है –

दोस्तों मान लें कि आपने दो चेक जारी किया है, और आपने अपने बैंक को इसकी जानकारी नहीं दी, और जब वह चेक बैंक प्रस्तुत होगा, तो बैंक के तरफ से आपको कॉल कर के इसके बारे में पूछा जायेगा, और आपने इसका Confirmation दे देते हैं, तो बैंक उस चेक को Pass कर देगा, और यदि आप इन चेक को Confirmation नहीं देते तो वह उस चेक को रिजेक्ट कर देगा, और यही प्रोसेस Reverse Positive Pay कहलाता है, लेकिन यह System में बैंक जिम्मेदार नहीं होता है, बैंक चाहे तो आप को कॉल किये बिना भी चेक रिजेक्ट कर सकता है।

Self Cheque क्या है?

दोस्तों आप किसी को चेक जारी करते है, और उस चेक में जहाँ नाम लिखा जाता है, वहाँ पर आप सेल्फ लिख देते है, तो यह चेक सेल्फ चेक कहलाता है, यह चेक जिसके हाथ में हो वह इसका मालिक होगा वह इसे आपके बैंक के काउंटर में जा कर सीधा Cash निकाल सकता है,

Order Cheque क्या होता है?

दोस्तों एक Order चेक वो होता है, जिसमे आप किसी के नाम से जारी करते हैं, ऐसे में वह व्यक्ति उस चेक के साथ अपना ID प्रूफ लगा कर सीधे आपके बैंक में Cash काउंटर से डायरेक्ट Cash ले सकता है।

Account Payee Cheque क्या होता है ?

दोस्तों जब आप किसी के नाम से चेक जारी करते है, और चेक के ऊपर बाएँ ओर दो लकीर लगा देते है, तो यह चेक Account Payee कहलाता है, और इस cheque का Paymet पाने के लिए आपके जारी किये चेक को वह व्यक्ति अपने account में प्रस्तुत कर के ही ले सकता है।

 

दोस्तों यदि चेक के ऊपर बाएँ और लगे दो लकीर के साथ यदि किसी बैंक का नाम लिखा होता है, तो वह चेक उसी बैंक में प्रस्तुत किया जा सकता है, जिस बैंक का नाम लिखा होगा।

 

इस लिए आपने कभी चेक जमा करने बैंक गए होंगे, तो आपने ध्यान दिया होगा, कि जैसे ही आप बैंक में चेक जमा करते है, तो बैंक के कर्मचारी उस चेक पर अपने बैंक का सील लगा देते है, वो ऐसा इस लिए करतें है, ताकि वह चेक धोखे से भी किसी के हाथ लग जाए, तो वह उस चेक को उसी नाम के किसी अन्य व्यक्ति के Account में प्रस्तुत कर के चेक Pass करवा लेगा।

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