Police Record में दर्ज हुआ दुनिया का पहला शैतान

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दोस्तों आज मैं आप सभी के बीच एक ऐसे केस कि बात करने वाला हूँ, जिसके बारे में सुन कर आप को थोड़ा अजीब लग सकता है, क्यूँकि ऐसे कई लोग हैं जो शैतानो को सिर्फ एक कल्पना मात्र मानते हैं, लेकिन यह केस बचपन में नानी, दादी के द्वारा सुनाई जाने वाली कोई मनगणित कहानी नहीं है, बल्कि एक सच्ची घटना है, जिसे ना केवल एक व्यक्ति द्वारा देखा गया बल्कि कई लोगों नें देखा, महसूस किया और पुलिस के द्वारा भी यह स्विकारा गया और Police Record में दर्ज भी किया गया।
Note :- कृपया छोटे दिल वाले इस पोस्ट को ना पढ़े।
दोस्तों यह केस स्पेन के मेडरेट कि है, और इस केस के फ़ाइल में unexplained लिखा हुआ है, वहाँ के Police और बड़े बड़े Expart नें माना है, कि उस जगहे में कुछ तो है, और यह केस Police के फ़ाइल में वेळेकस केस के नाम से दर्ज है, दोस्तों आज भी इस केस के बारे में वहाँ के लोगों मे काफी दहसत है, और इस केस को जिसने भी सुलझाने कि कोशिश कि उसका अंजाम देख रूह काँप जाता है।
दोस्तों यह घटना स्पेन के मेडरेट में वेळेकस नाम के जगहे में एक अपार्टमेंट कि है, जो आज भी इसी जगहे है, लेकिन आज भी इस अपार्टमेंट के आस पास भी भटकने कि हिम्मत किसी में नहीं है।

दोस्तों 1973 से 1990 के बीच एक गुटेरेस परिवार रहते थे, जिसमे पाँच लोग रहा करतें थे जिसमें माता-पिता और उसके तीन बच्चे, जिसमे दो लड़की और एक लड़का था इसमें पिता का नाम कांसेप्सन गुटेरेस और माता का नाम मैक्सिमा गुटेरेस था, इसमें सबसे बड़ी लड़की का नाम स्टेफना गुटेरेस था,वे एक आम इंसानों कि तरह ही यहाँ रहते थे, और 1973 से 1990 तक सब कुछ समान्य था।

दोस्तों 1990 में जब स्टेफना 18 साल कि हुई और अब वह कॉलेज जाने लगी थी, लेकिन कुछ दिन के बाद अचानक से उसके बर्ताव में बदलाव आने लगा और धीरे धीरे उसके बर्ताव में और अधिक बदलाव होने लगा, जैसे ही रात होती थी , उस लड़की का बर्ताव बिगड़ता जाता अजीब अजीब सी आवाज़े निकालती, और सकल भी डरवानी सी हो जाती थी, उसके घर के दीवारें लकड़ी कि थी उसे भी वह अपने नाख़ूनो से नोचती थी, लेकिन बात तो तब बहुत बिगड़ गई जब उसने अपने छोटे भाई मैक्सी पर आधी रात को हमला कर दिया, इन सब चीजों को देख कर उनके माता-पिता नें स्टेफना से इसका कारण पूछे तो वह बताती हैं, कि उसे कुछ याद नहीं रहता कि वह क्या करती है और क्यूँ करती है, बस एक बात याद थी कि जैसे है दिन ढालता है, उसे एक लम्बी आकृति का शाय दिखाई देता है, जिसका कोई सकल या आकर नहीं है, और उसके बाद उस लड़की का बर्ताव बदल जाता है, और उसे कुछ याद भी नहीं रहता है,।जब उस लड़की के माता पिता यह सब सुनते हैं तो वो बहुत घबरा जाते हैं।
उस लड़की की तबियत भी धीरे धीरे बिगड़ने लगती है, वो धीरे धीरे एकदम पतली सी हो चुकि थी, उसके माता पिता भी बहुत चिंतित थे, फिर उन्होने फैसला किया, और इन सब चीजों को सुधारने के लिए उस लड़की के कमरे कि जाँच पड़ताल किया गया, तो वहाँ उन्हें कुछ किताबें मिली जो कि तंत्र मन्त्र, अंत्माओ कि दुनिया, आत्माओं को बुलाने के तरीके, कुछ अजीब अजीब सी चीजें जो उनके समझ से बाहर थी। लेकिन उन्होंने इन सब को उसके कमरे से हटा दिया यह सोच कर कि स्थिति सुधर जाएंगी लेकिन ऐसा हुआ नहीं स्थिति और बिगड़ते जा रही थी।

उनके माता-पिता केथॉलिक धर्म को मानने वाले थे, तो उन्होंने उस लड़की को चर्च में लें गए वहाँ के फादर को भी दिखाया लेकिन इससे कोई लाभ नहीं हुआ। इसके बाद उस लड़की का मेडिकल चेकअप कराया गया बहुत सारे टेस्ट हुए लेकिन सभी रिपोट समान्य थे, लेकिन स्टेफना कि हालत और अधिक बिगड़ते जा रही थी इस लिए उसे हॉस्पिटल में भर्ति करना पड़ा लेकिंग 14 जुलाई 1990 को उस लड़की कि मौत हो गई, सभी डॉक्टर आश्चर्य थे कि सारा रिपोर्ट सारा जांच सामान्य थे, फिर भी मैं उस लड़की को नहीं बचा पाए,लड़की का पोस्टमार्टम रिपोर्ट मे मौत का कारण अचानक से दम घुटने से बताया गया।

लड़की की मौत से परिवार वाले बहुत सदमे में चले गए और जैसे तैसे भी हिम्मत जुटाकर उस का क्रिया कर्म कैथोलिक धर्म के हिसाब से किया गया और उसे जमीन में दफन कर दिया गया, मां-बाप उस लड़की से बहुत प्यार करते थे इस कारण उस लड़की के कमरे को जैसे था वैसे ही रहने दिया वहां का एक भी सामान को इधर-उधर नहीं किया और उस कमरे को उस लड़की के याद के लिए लॉक कर दिया।

उसके बाद ऐ सभी स्थिति सामान्य हो गया लगभग दस से पंद्रह दिन तक सब कुछ सामान्य था लेकिन इसके बाद जो होने वाला था उसका अंदाजा भी इस परिवार को नहीं था।
दोस्तों लगभग पंद्रह दिन बाद एक रात को स्टेफना के कमरे से स्टेफना के रोने और चीखने कि आवाज़ आने लगी, उस आवाज़ को सुन कर उसका पुरा परिवार बहुत डर गया, और अपने ही कमरे में खुद को लॉक कर जैसे तैसे रात काटा, जब सुबह हुई तो स्टेफना के माता पिता स्टेफना के कमरे में जा कर देखा तो उनके पैरो तले ज़मीन ही खिसक गई, पुरा कमरा अश्त व्यस्त पड़ा हैं, उस कमरे के दीवारों में नाख़ूनो के खरोच भी थे। उस कमरे में काफी ठंडी हवाएं भी चल रही थी, जबकी घर के अन्य किसी भी कमरे मे ऐसा कुछ नहीं था। फिर स्टेफना के माता पिता नें उस कमरे को लॉक कर देना ही ठीक समझा, लेकिन रात को फिर वहीं सब आवाज़े आती रही, और जब सुबह देखा तो दरवाज़ा भी खुला हुआ था, स्टेफना के माता पिता बहुत परेशान हो चुके थे और उन्होंने निर्णय लिया कि वह अब इन सब परिस्थितियों को सिर्फ अपने तक सिमित नही रखेंगे, और इस घटना के बारे मे अपने पड़ोसियों से चर्चा करेंगे, और जब उन्होंने पड़ोसियों को बताया तो पड़ोसी ने खुद ही कहा कि उन्हें भी, उनके घर से आने वाली यह आवाजें सुनाई देती है, लेकिन संकोच वस उन्होंने स्टेफना के माता पिता से कुछ नहीं कहा, फिर उस रात कुछ पड़ोसियों नें भी उस घर मे रुकने का निर्णय किया, और वे सारे पड़ोसियों नें भी यह सब देखा जैसे कि अब तक चल रहा था।

धीर धीरे यह घटना के चर्चा सभी जगहों पर होने लगी, जब यह बात स्टेफना के कॉलेज तक पहुंचा तो वहाँ से स्टेफना के तीन टीचर स्टेफना के घर पहुचे, इनमे से एक मैम भी थी, और उन्होंने स्टेफना के बारे मे ऐसी बात बताई कि स्टेफना के माता पिता बहुत सदमे मे आ गए, और वे सब कुछ समझ गये कि ऐसा क्यूँ हो रहा था, उन टीचरों नें बताया कि कॉलेज मे स्टेफना कि एक क्लोज फ्रैण्ड थी जिसका एक बॉयफ्रेंड था, जिसका हाल ही मे बाइक एक्सीडेंट से मौत हुई थी, इस लिए उसकी फ्रेंड बहुत दुखी रहती थी, एक दिन स्कूल के एक टीचर जो नन थी उसने देखा, कि स्टेफना और उसकी क्लोज फ्रेंड और दो लड़की यह चारों स्कूल के पीछे तरफ सुनसान जगहे मे घेरा बना कर बैठी हैं, उनके बीच एक लकड़ी का बोर्ड रखा हुआ हैं, और बीच मे एक कांच का ग्लास उल्टा रखा हुआ हैं, तो वहाँ वह टीचर गई और लड़कियों को डांटते हुए उस लकड़ी के बोर्ड को उठा कर फेक दि, और जैसे ही उसने ऐसा किया तो उस ग्लास से एक सफ़ेद रंग का धुंवा निकला और स्टेफना के नाक से स्टेफना के अन्दर घुस गया फिर, सभी वहाँ से चल दिए, फिर उन टीचरों नें उनमे से एक लड़की को बुला कर पूछा कि यह सब क्या कर रही थी. तो उस लड़की ने बताया कि स्टेफना आत्माओं से बात कर सकती है, और वह आत्माओ को भी बुला सकती है, वह इस प्रकार की किताबें भी पड़ती है।

इन सभी बातों से स्टेफना के माता पिता समझ गए थे कि स्टेफना का यह हाल होने का कारण क्या था क्योंकि स्टेफना का बर्ताव भी धीरे-धीरे इन सबके बाद बदलने लगा था।
कुछ दिनों बाद फिर से उनके माता-पिता स्टेफना के कमरे में गए तो वहां जीसस का फोटो उल्टा होकर गिर गया, और सामने ही दीवाल पर स्टेफना का फोटो था, वह भी जमीन पर गिर गया, फिर स्टेफना की माँ ने स्टेफना के फोटो को उठाया तो उस फोटो फ्रेम के अन्दर आग लग गाया और स्टेफना का चेहरा अपने आप जलने लगा, स्टेफना के माता पिता भागते हुए उस कमरे से बाहर निकले, और एक कारपेंटर को बुला कर दरवाजा हमेसा के लिए बंद कर दिए, जिस दिन उन्होंने ऐसा किया उसी रात आवाजे और तेज हो गई थी, और जब सुबह उठ कर देखा तो वह सारे लॉक टूटे हुए थे।

स्टेफना के माता पिता इन घटनाओ से बहुत टूट गए थे और अपने बाकी बच्चों के साथ यह घर छोड़ कर जाने का फैसला किया, लेकिन जिस रात उन्होंने यह फैसला किया उसी रात स्टेफना के माता जी जब सो रही थी, तो उसे महसूस हुआ की कोई उसका गला दबा रहा है, फिर वह परिवार उस घर से भाग कर बाहर मे सुबह होने का इन्तिज़ार किया।

अगले सुबह वह वेळेकस के पुलिस स्टेशन पहुचे और अपने साथ हुए सारे घटनाओ को विस्तार से बताय तो पुलिस भी एक पल के लिए मानने को तैयार नहीं थे, लेकिन उनके पड़ोसियों की बातों को भी सुने तो बहुत आश्चर्य हुए, और पाँच पुलिस स्टेफना के घर पहुचे, और स्टेफना के माता पिता को बाहर इंतज़ार करने को कहा, दो पुलिस वालें साथ मे थे और तीन पुलिस घर के अन्दर पहुचे और रात तक वहाँ रुक कर सारे चीजों को उन्होंने देखा जैसा की सभी नें बताया था।
इस चीज की काफी जाँच पड़ताल किया गया एक्सपर्ट को भी भुलाया गया इसके पीछे के साइंटिफिक कारण को समझने के लिए लेकिन कुछ भी समझ पाना किसी के लिए सम्भाव नहीं हो पाया।
फिर पुलिस नें पुरे परिवार को उस घर को छोड़ देने का सुझाव दिए और जल्द से जल्द वहाँ से छोड़ कर जाने मे इस परिवार की मदद की।
दोस्तों इस परिवार के जाने के बाद पुलिस नें कारण जानने की कोशिश करते थे लेकिन कुछ भी समझ नहीं आता था और जो भी वहाँ जाते थे, उनका तबियत बिगड़ने लगता था, अंत मे परेशान हो कर यह केस बंद कर दिया गया और उसके ऊपर unexplained लिख दिया गया।

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