साँपो कि खेती से कमाया एक महीने मे 3.5 करोड़

दोस्तों यदि किसी व्यक्ति को साँप नें काट दिया और आप उसके सामने ही खड़े हैं, तो आप उस व्यक्ति को बचाने के लिए क्या करेंगे। चलिए दोस्तों मैं आपको चार विकल्प देता हूँ,

1) जहाँ पर साँप नें काटा हैं उसके ऊपर कपड़े से टाइट बांध देंगे।

2) जहाँ पर साँप नें काटा हैं उसके ऊपर ब्लेंड से चिरा लगा कर खून को बाहर करेंगे।

3) या कि फ़िल्मी हीरो कि तरह साँप के ज़हर को चूस कर बाहर कर देंगे।

4) या उस जगहे पर कोई दवाई लगा देंगे।

दोस्तों इस लेख को ध्यान से पढ़ें क्यूंकि इस लेख के माध्यम से मैं आप सभी को, साँपो कि खेती और साँपो के से जुडी बहुत महत्वपूर्ण जानकारी देने वाला हूँ।

दोस्तों साँप आपको तब तक नहीं काटते हैं, जब तक उनके साथ छेड़ छाड़ ना किया जाए, जब तक उन्हें उकसाया ना जाए वह किसी पर हमला नहीं करते, अक्सर साँप के कटने का सबसे अधिक खतरा उनको होता है जो ऐसे जगहों पर होते हैं जहाँ साँप अधिक रहते हैं, जैसे खेती, माइनिंग, कंस्ट्रक्शन वर्क, जंगलों मे रहने वाले इत्यादि।

दोस्तों भारत में तीन सौ से भी अधिक प्रजाति के साँप हैं लेकिन उनमे से बहुत कम ही साँप होते हैं, जिनके कटने से इंसान के मृत्यु कि सम्भवना अधिक होती है, जिनमे मुख्यतः चार प्रकार के साँप है,

1) Cobra

2) Russell Viper

3) Saus Kill Viper

4) Indian Krait

दोस्तों वैसे तो साँप छेड़ छाड़ करने पर ही काटतें हैं, लेकिन इन चार साँपो में Indian Krait साँप तो ऐसे हैं जो सोते हुए इंसान को भी काट कर चला जाता है, और उस इंसान पाता तक नहीं चलता और ना ही इसका कोई निसान भी दिखाई पड़ता है।

दोस्तों ऐसा क्या होता है कि साँप के काटने से इंसान कि मृत्यु हो जाती दोस्तों इसको समझने से पहले हमें यह समझना होगा कि साँप का ज़हर होता क्या है।

दोस्तों साँप के ज़हर में बहुत सारे Enzyme होते हैं, जो कि हमारे Cell को मारते हैं, सबसे पहले यह जिस जगहे को काटतें है, उस जगहे के Cell को मारतें है, फिर धीरे धीरे यह शरीर के अन्य हिस्सों के Cell को भी मरतें है।

दोस्तों साँप के काटने का पहला लक्षण जहाँ पर साँप नें काटा है, वहाँ पर दांतो के निशान, दर्द, सुजान, खून का रिसाव होता है, लेकिन Indian Krait के काटने का कोई निशान या दर्द नहीं होता, जबकि कोबरा के काटने से उस काटे हुए जगहे का बुरा हाल होने लगता है।

दोस्तों साँप के काटने से शरीर में इसका अलग प्रभाव देखने को मिलता है जैसे चक्कर आना, उलटी होना, शरीर काँपना, बुखार आना, झुंझुनी लगना इत्यादि, लेकिन दोस्तों अलग अलग तरह के साँप के काटने के शरीर पर अलग अलग असर देखने को मिलता है जिसे देख कर आप पहचान सकते है कि किस साँप नें काटा है क्यूंकि डॉक्टर भी ऐसा ही करते हैं।

दोस्तों आइये समझते हैं, दोस्तों इस तरह से देखे तो साँप के ज़हर दो तरह के होते हैं।

1) Neurotoxic

2) Cardiotoxic

Neurotoxic वह होते हैं जिससे इंसान के Brain को असर होता है, Indian Krait और Cobra, Neurotoxic Snake होते हैं, इस तरह के साँप के काटने से शरीर कि नशे Damage होने लगते हैं, जिससे धीरे धीरे इन्शान का शरीर काम करना बंद करते लगता है, आंखो में धुंधला छाने लगता है, शरीर में झुंझुनी लगने लगता है, बोलने में परेशानी तुतला पन होना, सांस लेने में दिक्कत यह सभी लक्षण दिखाई देते हैं।

Cardiotoxic वह होता है, जिससे इंसान के Heart को असर होता है, Saus Kill Viper और Russell Viper, Cardiotoxic Snake होते हैं, इस तरह के साँप के काटने से ब्लड प्रेसर कम होने लगता हैं, चक्कर आते हैं, मुँह से झाग या उलटी होना, शरीर के कई हिस्सों में लाल धब्बे और खून के रिसाव और किडनी भी फेल हो सकते हैं।

दोस्तों यदि किसी को साँप काट दिया हो तो बिना किसी देरी के उस व्यक्ति को हॉस्पिटल लें कर जाएं और वहाँ जाकर Antivenom लगवाए।

दोस्तों क्या होता हैं Antivenom यह कैसे बनता हैं आइये समझते हैं।

दोस्तों साँपो के ज़हर से ही Antivenom बनाया जाता इसका मतलब होता Anti मतलब विरुद्ध और Venom मतलब ज़हर, दोस्तों इसके लिए कई Institute और Research सेंटर होते हैं, जहाँ साँपो को पाला जाता हैं और समय समय पर इनके ज़हर को निकला जाता हैं दोस्तों साँप के एक लीटर ज़हर का कीमत 3.5 करोड़ है, इस लिए वर्तामन में इसे भी एक Business के रूप में देखा जा रहा है, यदि आप चाहें तो यह Business थोड़ी सी प्रशिक्षण लेकर भी कर सकते और इन साँपो के ज़हर को निकाल कर इन रिसर्च सेंटरो को बेच सकते है,

दोस्तों यह Research Centar इन जहरों को जानवरों के के अन्दर इंजेक्ट करते है, जिससे उनके शरीर में साँपो के जहर के विरुद्ध जो रियेक्ट होता है, और उनके प्रतिरोधक क्षमता इस साँप के जहर को काट देती है फिर इसी से Antivenom तैयार किया जाता है।

दोस्तों यह Antivenom इन्ही चार साँपो के ज़हर से बनाय जाता है और एक कि Antivenom में चारों प्रकार के ज़हर के लिए कारगर होते है।

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